मीनाक्षी की “बस तुम्हारे लिये” साहित्य के प्रति समर्पण है

यह जो वाक्य है “बस तुम्हारे लिये” इसमें समर्पण का भाव है. समर्पण किसी व्यक्ति के प्रति किसी व्यक्ति का हो सकता है, और

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