धूमल याद है ना

धूमल (1914-1987) हिंदी सनेमा के एक सबसे बेजोड़ हास्य कलाकारों में से थे.
एक बेवकूफ सा चेहरा बनाकर धूमल अपने फोड़ वाली दांतों से हँसते थे. उन्होंने अपने छोटे-छोटे रोल में दर्शकों को सबसे ज्यादा हंसाया.
वैसे तो उन्होंने ने अपने अभिनय कैरियर की शुरुआत मराठी थियेटर से की, लेकिन जल्द ही 1940 से हिंदी सिनेमा से जुड़ गए.
धूमल ने हिंदी सिनेमा के सफलतम फिल्मों हावड़ा ब्रिज (1958), बम्बई का बाबू (1960), कश्मीर की कली (1964), गुमनाम (1965) और लव इन टोकियो (1966) जैसे फिल्मो में दर्शकों का खूब मनोरंजन किया. इसके अलावा उन्होंने कब क्यूँ और कहाँ तथा तुम हंसी मैं जवां में भरपूर मनोरंजन कराया.
धूमल ने लव इन टोकियो में महमूद और शोभा खोटे के साथ जो मनोरंजन किया वह अकथनीय है. उन्होंने जितना हंसाया अपने दर्शकों को इसका वर्णन शब्दों में नहीं किया जा सकता.
पुरानी हिंदी फिल्मों को चाहने वाले धूमल को शायद ही भूल पायें.
(जारी)

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