बाबूलाल की रैयतों को सलाह, जमीन देने से पहले विस्थापितों के हाल देखिए

गोड्डा (झारखण्ड): गुजरात के एक धन कुबेर अडाणी को झारखण्ड के गोड्डा जिले में पॉवर प्लांट लगाने के लिए जमीन दी जाये या नहीं इस बात को लेकर उस इलाके में चल रही गहमागहमी के बीच झारखण्ड विकास मोर्चा सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी ने मंगलवार को रैयतों को सलाह दी कि उन्हें जमीन देने से पहले राज्य के विस्थापितों का हाल देख लेना चाहिए.
विपक्ष का आरोप है कि उद्योगपति अडाणी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष अमित साह के करीबी हैं.
झारखण्ड की भजपा सरकार ने छोटानागपुर और संताल परगना टेनेंसी एक्ट्स में जो बदलाव किये हैं वह अडाणी जैसे धन कुबेरों को राज्य में जमीन उपलब्ध करने के लिए ही है, बाबूलाल ने आरोप लगाया.
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जेवीएम विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने गोड्डा के एक ग्रामीण इलाके में अडाणी के पॉवर प्लांट के खिलाफ तीन दिनों का उपवास रखा. उपवास का आज आख़री दिन था जहाँ पार्टी सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी ने बड़ी संख्या में आये ग्रामीणों को संबोधित किया.
जेवीएम इस बात का विरोध कर रहा है कि पिछले दरवाजे से सरकार रैयतों से जिस प्रकार जमीन ले रही है उसे रोका जाये.
मरांडी ने कहा कि यह सब बिना ग्राम सभा के अनुमति के हो रहा है. लोग एक बार जब विस्थापित हो जायेंगे तो फिर उनका क्या हाल होगा यह उन विस्थापितों को देखकर पता चलता है जिन्होनें पूर्व में झारखण्ड के कई इलाकों में अपनी जमीन उद्योगपतियों को दी थी.
“ग्रामीणों को संबोधित करते हुए बाबूलाल ने कहा, “ आप जमीन के मालिक हैं. नौकरी की भीख के लिए जमीन देना कहाँ तक उचित है इसे समझने के लिए आपको उन विस्थापिओं को देखना चाहिए जिन्होंने पूर्व में अपनी जमीन दी थी. उनके हालत बद से बदतर होते चले गए.”

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