लालू ने नीतीश को नेता बताया, रघुवंश को लताड़ा, शहाबुद्दीन को क्लीन चिट

राष्ट्रीय जानता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने अपने पूर्व सांसद मुहम्मद शहाबुद्दीन के बयान को क्लीन चिट देते हुए नीतीश कुमार को महागठबंधन का नेता स्वीकार किया है.

शहाबुद्दीन द्वारा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राजनीतिक अस्तित्व को दी गयी चुनौती के बाद से लालू यादव एक धर्मसंकट में फंसे दिखते हैं.

नीतीश के जनता दल (यूनाइटेड) के समर्थक जिस प्रकार से अपने नेता (नीतीश) के समर्थन में खड़े दिखे और राजद के नेताओं को चेतावनी दे डाली उससे लालू बेकफुट पर दिखाई पड़ रहे हैं. फिर भी वे मुहम्मद शहाबुद्दीन के उस बयान का समर्थन करते हैं, जिसमें शहाबुद्दीन ने नीतीश को परिस्थितियों का मुख्यमंत्री बतया था.

लालू का मानना है कि नीतीश की पार्टी के लोग यदि इस समबन्ध में हो-हल्ला मचाते हैं तो यह उनका मामला है, और शहाबुद्दीन ने यदि उन्हें (लालू को ) अपना नेता मना तो यह प्रोटोकॉल के हिसाब से ठीक है.

लालू अपने एक बड़े नेता रघुवंश प्रसाद सिंह के उस बयान से इत्तेफ़ाक नहीं रखते जिसमे उन्होंने नीतीश को नेता मानाने से इनकार किया.

“रघुवंश बाबू चूंटी (चुट्टी) काटते रहते हैं,” लालू ने कहा.

लालू के सामने एक अजीव सी स्थिति उत्पन्न हो गयी है. नीतीश के खिलाफ एक ही तरह के दिए गए बयान पर वे अपने वरिष्ठ नेता रघुवंश सिंह की आलोचना कतरे हैं, जबकि शाहबुद्दीन का समर्थन.

यह महागठबंधन का संकट है. लालू ऐसे संकटों से उबरने में माहिर हैं, तो नीतीश ऐसी भाषा को कतई स्वीकार नहीं करने वाले नेता.

e.o.m

One thought on “लालू ने नीतीश को नेता बताया, रघुवंश को लताड़ा, शहाबुद्दीन को क्लीन चिट

  1. मुझे लगता है मोहम्मद शहाबुद्दीन के बयान को मीडिया के लोग अलग-अलग तरीके से अपने अपने हिसाब से विश्लेषित कर पेश कर रहे हैं. दरअसल मोहम्मद शहाबुद्दीन ने ऐसा कहीं कुछ नहीं बोला जिस पर विवाद हो. विवाद के पीछे की वजह भी राजनीतिक है और राजनीति के इस खेल का उपकरण बिहार और देश की मीडिया बनी हुई है. राज्य की जनता को बहुत कुछ इससे लेना-देना भी नहीं है..

    -मनोज उपाध्याय, बांका (बिहार)

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